एहसास तेरा मीठा सा, मेरे मन को प्रफुल्लित करता है
और तेरे एक छुवन से, मेरे हृदय को विचलित करता हैहै नई-नई ये फुलवारी, भवरें भी गुंजन करता है
और अपने रसपान से मुझको, प्रतिपल पुलकित करता है
है नया नया ये सम्मोहन, मुझे खुद से जुदा सा करता है
और तेरी ही मुस्कान पर पल पल, ये आहें भरता रहता है
कुछ ख़ास नहीं पर बात तो है, तेरी सादगी में कोई बात तो है
हे राज दफ़न जो सीने में, तेरा अस्क बयां सब करता है
कुछ तो खाली है जीने में, जो तेरा दर्द बयां सा करता है
Jyoti Gupta
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